⚡ ब्रेकिंग News

हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को अर्पित समर्पण दिवस।

महोबा, 12 मई 2026

संपादक गिरजा शंकर अवस्थी।

हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह जी की पावन स्मृति में ‘समर्पण दिवस’ का आयोजन बुधवार, 13 मई 2026 को प्रातः 8:00 बजे से 10:30 बजे तक संत निरंकारी सत्संग भवन, राठ रोड, महोबा में किया जाएगा। इस अवसर पर करनाल (हरियाणा) से पधारे केंद्रीय ज्ञान प्रचारक प्रदुम्न भल्ला जी की उपस्थिति में विशाल सत्संग कार्यक्रम संपन्न होगा।

यह जानकारी महोबा ब्रांच के मुखी विनोद कुमार राजपूत जी द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि जब किसी महान आत्मा का संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याण हेतु समर्पित हो जाता है, तब उसकी स्मृतियाँ केवल इतिहास नहीं रहतीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दिव्य स्रोत बन जाती हैं।




इसी क्रम में ‘समर्पण दिवस’ का मुख्य आयोजन बुधवार, 13 मई 2026 को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा (हरियाणा) में सायं 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक माता सुदीक्षा जी महाराज एवं श्रद्धेय निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में आयोजित होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण संत निरंकारी मिशन की आधिकारिक वेबसाइट⁠� पर किया जाएगा, जिसका लाभ देश-विदेश के श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।

बाबा हरदेव सिंह जी केवल संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक गुरु ही नहीं थे, बल्कि प्रेम, करुणा, सहजता और मानवीय संवेदनाओं के जीवंत प्रतीक थे। उनकी दिव्य वाणी और विनम्र व्यक्तित्व ने अनगिनत लोगों को आत्मिक शांति और जीवन का सही मार्ग प्रदान किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि सच्चा जीवन वही है, जो प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और समर्पण से परिपूर्ण हो।

उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा जागरण जैसे अनेक समाजसेवी कार्यों के माध्यम से मानव सेवा को आध्यात्मिकता का अभिन्न अंग बनाया।

लगभग 36 वर्षों तक मिशन का नेतृत्व करते हुए बाबा जी ने संगठन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। आज मिशन 67 से अधिक देशों में मानव एकता, आध्यात्मिक जागृति और विश्व बंधुत्व का संदेश पहुँचा रहा है।

बांदा, महोबा, झांसी, मऊरानीपुर, ललितपुर एवं छतरपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी श्रद्धापूर्वक ‘समर्पण दिवस’ मनाया गया।

बाबा जी ने “एकत्व में सद्भाव”, “वसुधैव कुटुम्बकम” तथा “एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ” जैसे दिव्य संदेशों के माध्यम से पूरी मानवता को प्रेम और एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। उनका “दीवार रहित संसार” का स्वप्न आज भी विश्व शांति और सार्वभौमिक प्रेम की प्रेरणा बना हुआ है।

वर्तमान में माता सुदीक्षा जी महाराज उसी दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रेम, सेवा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश जन-जन तक पहुँचा रही हैं।

‘समर्पण दिवस’ केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि मानवता, प्रेम, विनम्रता और सेवा के उन आदर्शों को आत्मसात करने का प्रेरणादायी पर्व है, जो युगों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

सुशील शर्मा की रिपोर्ट।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...