दल यूनाइटेड (जदयू) ने सोमवार को जिला प्रशासन को लेकर जिला प्रशासन को घेरते हुए दो महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किए। पार्टी के अलैहिस्सलाम ने निजी स्कूलों की अलमारियों और हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान और कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में दिए गए पहले अवलोकन में निजी अवशेषों द्वारा आर्थिक शोषण का शिकार प्रमुखता को उठाया गया। विशेष रूप से आरोप लगाया गया है कि स्कूल प्रबंधन ने हर साल निजी प्रकाशकों की स्क्रैप ब्लास्टर्स पर भारी आर्थिक पुट डाला है, ताकि पुरानी कंपनियों का उपयोग न हो सके। इसके अलावा यूनीफॉर्म और अन्य शिक्षण सामग्री को निर्धारित मानक सेकेण्ड का दबाव भी बनाया जाता है।
चोरों ने मांग की कि सभी स्कूलों में एनसीई रिटेल की किताबें अनिवार्य रूप से जारी की जाएं और पुराने का उल्लंघन करने वाले स्कूल पर 5 लाख रुपये तक का खर्च उठाया जाए। साथ ही बिना खेल मैदान वाले विद्वानों की राय रद्द करने की भी मांग की गई।
वहीं दूसरे खंड में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की स्थिति को उठाया गया। पार्टी ने कहा कि हाल ही में भारी बारिश हुई और ओलावृष्टि ने बेरोजगार किसानों के कमर तोड़ दिए और कर्ज के बोझ तले दब गए। विनियम में चेतावनी दी गई है कि किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा सकता है।
डीएमएफ ने प्रशासन से मांग की कि राजस्व विभाग के दल द्वारा समेकित सर्वेक्षण किया जाए और क्षति का विनाश सीधे किसानों के दस्तावेजों में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाए। साथ ही कृषि ऋणों की सुरक्षा पर रोक और ब्याज सुरक्षा की जाए।
इस पर रवीन्द्र नाथ गुप्ता, उमाकान्त साविआ, पिंकी प्रजापति, श्रीराम प्रजापति, बिहारी लाल अनुरागी, अरुण गुप्ता, बहार तिवारी, सद्दाम हुसैन, कुँवर धनन्जय सिंह, बाबूलाल चौधरी, डेमोक्रेट कुमार सहित कई कार्यकर्ता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आतंकवादी नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने सीरिया को अपने कब्जे में नहीं लिया, तो पार्टी जनता के हितों के लिए उग्रवादी आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।



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