आगरा, 04 अप्रैल 2026। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। कॉलेज के CTVS विभाग ने पहली बार सफलतापूर्वक ओपन हार्ट सर्जरी कर एक 13 वर्षीय किशोर की जान बचाई है। यह जटिल और उच्च जोखिम वाला ऑपरेशन आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने दी बधाई: "संसाधनों और संकल्प की जीत"
इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि यह SNMC के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है। उन्होंने कहा कि अब तक इस स्तर की सर्जरी केवल बड़े महानगरों के कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित थी, लेकिन अब आगरा में भी यह संभव हो सका है।
उन्होंने कहा, "एक 13 साल के बच्चे की जान बचाना हमारे डॉक्टरों की काबिलियत का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य SNMC को सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं का केंद्र बनाना है, ताकि आगरा और आसपास के जिलों के किसी भी गरीब मरीज को इलाज के अभाव में दिल्ली या जयपुर न जाना पड़े।"
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि CTVS विभाग को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे जटिल ऑपरेशन निरंतर सफल हो सकें।
क्या थी बीमारी और क्यों था जोखिम?
मरीज ‘कंस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डिटिस’ से पीड़ित था, जिसमें हृदय के ऊपर मवाद की सख्त परत जम जाती है, जिससे हृदय का सामान्य पंपिंग कार्य प्रभावित होता है।
CTVS विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. अतुल कुमार गुप्ता ने बताया कि धड़कते हुए दिल (Beating Heart) से इस परत को अलग करना अत्यंत जटिल प्रक्रिया है। इस सर्जरी में लगभग 50% तक जान जाने का जोखिम रहता है, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक पार किया।
इनकी रही मुख्य भूमिका
एनेस्थीसिया टीम: डॉ. दीपक, डॉ. मिहिर
सर्जिकल एवं ओटी टीम: डॉ. अतुल कुमार गुप्ता, डॉ. शिव (SR), डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ, डॉ. आरती, तकनीशियन सचिन एवं मोनू
पोस्ट-ऑपरेटिव केयर: सुपरस्पेशलिटी ICU में डॉ. आकांक्षा एवं डॉ. सौम्या गुप्ता
यह पहली ओपन हार्ट सर्जरी आगरा के चिकित्सा जगत के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई ।
आगरा से रिपोर्ट राजीव कुमार सिकरवार की।

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