प्रदेश में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। किसानों को मंडियों में फसल बेचने के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Bhupinder Singh Hooda ने आरोप लगाया है कि सरकार हर बार किसानों को परेशान करने के लिए नए-नए नियम लागू करती है। उन्होंने कहा कि इस बार गेहूं खरीद प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है।
हुड्डा के मुताबिक, सरकार ने गेहूं खरीद के लिए ट्रैक्टर की नंबर प्लेट की फोटो, किसानों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और तीन-तीन गारंटर जैसे नियम लागू किए हैं, जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन नियमों को मनमाना बताते हुए कहा कि मंडियों का माहौल किसी हाई सिक्योरिटी क्षेत्र जैसा बना दिया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडियों में सरकारी खरीद पहले ही दिन ठप हो गई। नए नियमों के साथ-साथ ई-खरीद पोर्टल भी सही तरीके से काम नहीं कर पाया, जिसके चलते किसान घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन उनकी फसल की खरीद नहीं हो सकी।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए ऐलान किया है कि पार्टी के विधायक प्रदेशभर की मंडियों का दौरा करेंगे और किसानों की समस्याओं को सामने लाकर उनकी आवाज बुलंद करेंगे।
अत्री यादव की रिपोर्ट।

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