फतेहपुर के शैक्षणिक इतिहास में दर्ज हुआ नया स्वर्णिम अध्याय।
ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार ।
फतेहपुर।जनपद के युवाओं को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक उच्च शिक्षा देने के उद्देश्य से ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय (टीवाईएस यूनिवर्सिटी) की स्थापना की गई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान अभय ग्रुप के चेयरमैन अभय प्रताप सिंह ने इसे फतेहपुर के विकास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने बेहद भावुक और गर्व भरे शब्दों में कहा कि यह संस्थान केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं है, बल्कि जिले के हजारों-लाखों युवाओं के सुनहरे और उज्ज्वल भविष्य की एक नई तथा मजबूत शुरुआत है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद अब स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा और बेहतर करियर के अवसरों के लिए बड़े शहरों या दूसरे राज्यों की ओर रुख करने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन अभय प्रताप सिंह ने इस सफर के पीछे छिपे लंबे संघर्ष और समर्पण को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस बड़ी सफलता की नींव आज से लगभग 22-23 साल पहले ही रख दी गई थी, जब क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने के लिए रानी चंद्रप्रभा महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। इसके बाद ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर शिक्षा को और मजबूत करने के लिए वर्ष 2005 में ठाकुर युगराज सिंह महाविद्यालय की शुरुआत की गई थी। उस समय का मुख्य उद्देश्य यही था कि फतेहपुर के विद्यार्थियों को उनके अपने जिले में ही बेहतर से बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। आज वही पुराना सपना एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है और ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय के रूप में साकार होकर पूरे जनपद के सामने खड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जिले के छात्र-छात्राओं को अब सिर्फ पारंपरिक स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां ही नहीं मिलेंगी, बल्कि उन्हें उच्च स्तरीय शोध, नए-नए नवाचारों, आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों से लैस एक बेहतरीन माहौल मिलेगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में ऐसे रोजगारोन्मुखी और कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे जो बदलते समय और आधुनिक उद्योगों की मांग के बिल्कुल अनुकूल हों। इससे यहां के युवाओं के हुनर को निखारने में मदद मिलेगी और वे वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में खुद को साबित कर सकेंगे।
अभय प्रताप सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विश्वविद्यालय का अंतिम लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री बांटना कतई नहीं है। उनका मुख्य उद्देश्य ऐसे शिक्षित, संस्कारी, सक्षम और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी सबसे प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय अपनी उच्च शिक्षण व्यवस्था और अनुसंधान के बल पर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
इस ऐतिहासिक कामयाबी और सपने को पूरा करने का पूरा श्रेय उन्होंने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय ठाकुर युगराज सिंह की पावन प्रेरणा और आशीर्वाद को दिया। साथ ही उन्होंने अपने बड़े भाई व संरक्षक उदय प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन, पूरे अभय ग्रुप परिवार, समर्पित शिक्षकों, कर्मचारियों और समाज के हर वर्ग से मिले अटूट सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, संबंधित उच्च शिक्षा विभागों, विश्वविद्यालय अनुदान से जुड़े संस्थानों, अभिभावकों और सभी शुभचिंतकों का दिल से आभार जताया, जिनकी मदद के बिना यह राह आसान नहीं थी। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यूनिवर्सिटी के भीतर शिक्षा की गुणवत्ता को लगातार बढ़ाने, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को लागू करने और नए जमाने के उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रमों को अपडेट करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विमल कुमार की रिपोर्ट।

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