आयुक्त ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण, मरीजों की सुविधाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश।
संवाददाता गिरजा शंकर अवस्थी
बाँदा, 01 अक्टूबर 2026।
चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त श्री अजीत कुमार ने गुरुवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बाँदा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। एक्स-रे और सीटी स्कैन मशीनें क्रियाशील पाई गईं।
व्हाट्सऐप पर मिलेगी एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट
मरीजों की सुविधा को लेकर आयुक्त ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से मेडिकल कॉलेज न बुलाया जाए। रिपोर्ट मरीजों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों का समय एवं धन बच सके।
फायर एनओसी को लेकर दिए निर्देश
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि फायर एनओसी के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन अग्निशमन विभाग की ओर से एनओसी अभी जारी नहीं हुई है। इस पर आयुक्त ने मौके पर मौजूद अग्निशमन अधिकारी को मेडिकल कॉलेज का स्थलीय सत्यापन जल्द पूरा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए फायर एनओसी जारी कराने के निर्देश दिए।
ड्यूटी रोस्टर और मशीनों की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश
आयुक्त ने मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध सभी चिकित्सा मशीनों और उपकरणों पर एएमसी (Annual Maintenance Contract) तथा एसओपी (Standard Operating Procedure) से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा। तकनीशियनों की समय पर उपलब्धता और ड्यूटी रोस्टर के शत-प्रतिशत पालन के निर्देश दिए गए।
सभी चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर भी ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करने को कहा गया, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से चिकित्सक की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकें।
टूटी टाइलों की मरम्मत और वार्डों में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश
आयुक्त ने मेडिकल कॉलेज परिसर में टूटी अथवा उखड़ी टाइलों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सभी वार्डों में पर्याप्त कूलर, पंखे और एसी की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया। आर्थोपेडिक वार्ड की लिफ्ट को भी जल्द चालू कराने के निर्देश दिए गए।
अनावश्यक रेफर और बाहर की दवाएं लिखने पर जोर
आयुक्त ने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ से अनुशासन और पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा। सभी चिकित्सकों को निर्धारित ड्रेस कोड और नेम प्लेट के साथ ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से अन्यत्र रेफर न किया जाए। मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ सेवाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों को यथासंभव स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखने और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
एम्बुलेंस व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग
आयुक्त ने मेडिकल कॉलेज की एम्बुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने पर्याप्त एम्बुलेंस उपलब्ध रखने और उनकी नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल सुविधा मिल सके।
सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं तथ्यहीन खबरों पर तत्काल संज्ञान लेकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तथ्यात्मक खंडन जारी कराने के निर्देश भी दिए गए।
आयुक्त श्री अजीत कुमार ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मरीज और उनके परिजन चिकित्सा व्यवस्था के केंद्र में हैं। उनकी सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि चिकित्सा संस्थानों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण और सतत अनुश्रवण आगे भी जारी रहेगा।



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