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मिर्जापुर: दबंगई के बल पर निजी जमीन पर निर्माण कार्य रुकवाने का आरोप, सभासद के भाई के संरक्षण में जान से मारने की धमकी।

मिर्जापुर: दबंगई के बल पर निजी जमीन पर निर्माण कार्य रुकवाने का आरोप, सभासद के भाई के संरक्षण में जान से मारने की धमकी।



मिर्जापुर 16 जुलाई। जनपद के लालडिग्गी क्षेत्र अंतर्गत इमामबाड़ा के पास स्थित बाग कुंजल गिरी बगीचा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित फरात खान (पुत्र समीम खान) ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी स्वामित्व वाली भूमि पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य कराने के दौरान क्षेत्र के एक दबंग व्यक्ति द्वारा न सिर्फ काम रुकवाया गया, बल्कि मजदूरों और मिस्त्री को जान से मारने की धमकी भी दी गई।



क्या है पूरा मामला?

पीड़ित के अनुसार, जब वे अपनी निजी जमीन की घेराबंदी (बाउंड्री) करवा रहे थे, तभी स्थानीय सभासद गुलजार के बड़े भाई के रसूख और संरक्षण के बल पर आफताब फारुकी नामक व्यक्ति ने निर्माण कार्य में जबरन हस्तक्षेप किया। दबंग ने बिना किसी कानूनी आधार के इस जमीन को सरकारी बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।



आरोप है कि आफताब फारुकी ने कार्यस्थल पर मौजूद मिस्त्री और लेबरों को गाली-गलौज करते हुए गोली मारने व जान से मारने की धमकी दी, जिसके डर से सहमे मजदूरों ने काम बंद कर दिया।

मोहल्लेवासी भी हैं परेशान: अवैध गतिविधियों का आरोप

स्थानीय निवासियों का कहना है कि आफताब फारुकी की दबंगई से पूरा मोहल्ला त्रस्त है। ग्रामीणों और पीड़ितों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप निम्नलिखित हैं:

वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा: आरोप है कि उक्त दबंग ने खुद मस्जिद की वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और आए दिन अनावश्यक विवाद खड़ा करता है।असामाजिक तत्वों का जमावड़ा: मोहल्ले में बाहर से अनजान और संदिग्ध लोगों को बुलाकर शराब पिलाना, जुआ खिलवाना और अराजकता का माहौल बनाना उसकी दिनचर्या बन चुका है।

बहू-बेटियों से अभद्रता: रास्ते से गुजरने वाली मोहल्ले की बहन-बेटियों पर अभद्र और अश्लील टिप्पणियां की जाती हैं। विरोध करने पर अपहरण और जान से मारने की धमकी दी जाती है।महिला गैंग का संचालन: विवाद के दौरान पथराव करने और पुरुषों के सामने ढाल के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कुछ महिलाओं का एक गैंग भी तैयार किया गया है, जो गाली-गलौज और हंगामा करती हैं।

चौकी इंचार्ज मेरी जेब में हैं" – पुलिस को खुली चुनौतीसबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी आफताब फारुकी स्थानीय प्रशासन को भी ठेंगे पर रखता है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, आरोपी खुलेआम कहता है कि:लालडिग्गी चौकी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। चौकी इंचार्ज मेरी जेब में हैं और चौकी के कई सिपाहियों को उनकी तनख्वाह से ज्यादा महीना (रिश्वत) मैं देता हूँ।

न्याय की गुहारइस घटना और खुलेआम मिल रही धमकियों के बाद से पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोग गहरे खौफ में हैं। पीड़ितों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने, आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि खाकी को बदनाम करने वाले इस दबंग पर मिर्जापुर पुलिस प्रशासन क्या एक्शन लेता है।

नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

अत्री कुमार यादव की रिपोर्ट।

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