मुख्यमंत्री पोर्टल की शिकायतों पर मनगढ़ंत आख्या का आरोप, सरकारी नाली और चकरोड से कब्जा न हटने पर आवेदक ने उठाए सवाल।
बांदा- जनपद बांदा की अतर्रा तहसील के ग्राम सेमरिया जदीद में सरकारी नाली संख्या 161 एवं सरकारी चकरोड 162 से कथित अतिक्रमण न हटाए जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आवेदक गिरजा शंकर अवस्थी ने आरोप लगाया है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बजाय मुख्यमंत्री पोर्टल पर तथ्यों से अलग आख्या लगाकर मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।
आवेदक का कहना है कि उन्होंने कमिश्नर, एसडीएम, जिलाधिकारी तथा मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थानीय लेखपाल द्वारा हर बार अलग-अलग कारण बताते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कभी आंशिक कब्जा बताया गया, कभी नाली और चकरोड को खाली दर्शाया गया, तो कभी पेड़ों का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी गई। उनका आरोप है कि संदर्भ संख्या 92617000025702 की आख्या में भी तथ्यात्मक विसंगतियां हैं। जहां पहले दो पेड़ों का उल्लेख था, वहीं बाद की रिपोर्ट में एक पेड़ दर्शाया गया और नाली-चकरोड को खाली बताया गया।
आवेदक का दावा है कि उपलब्ध फोटोग्राफ में स्पष्ट दिखाई देता है कि कथित रूप से सरकारी नाली और चकरोड को हैरो से जोतकर खेत में मिला लिया गया है। इसके बावजूद रिपोर्ट में वास्तविक स्थिति का उल्लेख नहीं किया गया।
आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी वह अपने खर्च पर जेसीबी से नाली की खुदाई कराने का प्रयास करते हैं, तब कथित कब्जाधारी इसका विरोध करते हैं और उन्हें धमकियां देते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अनुरोध किया है कि पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से नाली की खुदाई कराई जाए, जिसका खर्च वह स्वयं वहन करने को तैयार हैं।
आवेदक का कहना है कि यदि समय रहते नाली की खुदाई नहीं कराई गई तो संबंधित भूमि पर फिर फसल बो दी जाएगी और बाद में उसी आधार पर कार्रवाई टालने की रिपोर्ट लगा दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लेखपाल भूमि प्रबंधन समिति का पदेन सचिव होने के नाते आवश्यक कार्रवाई कराने में सक्षम है।
आवेदक ने जिलाधिकारी सहित उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, कथित रूप से भ्रामक आख्या देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने तथा सरकारी नाली एवं चकरोड को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
इस संबंध में शिकायतों के संदर्भ संख्या 40017026012706, 40017026010382, 40017026004112, 40017026001886, 40017026000344, 40017025025871 एवं 92617000025702 का भी उल्लेख किया गया है।





Post a Comment