⚡ ब्रेकिंग News

सार्वजनिक मार्ग पर ऐसा अवरोध एक दिन भी नहीं रहना चाहिए।

मौत का इंतज़ार करती व्यवस्था।



किशनपुर थाना क्षेत्र के बरैची-बहेरा के पास नरैनी–विजयीपुर मार्ग पर आंधी में गिरा शीशम का पेड़ एक सप्ताह तक सड़क पर पड़ा रहा। यह कोई छिपी हुई समस्या नहीं थी। इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते रहे। स्थानीय पुलिस भी दिन में कई बार इसी रास्ते से आती-जाती रही, लेकिन न तो वन विभाग ने पेड़ हटाने की जिम्मेदारी निभाई और न ही पुलिस ने संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देकर कार्रवाई सुनिश्चित कराई।


सात मीटर चौड़ी सड़क में लगभग तीन मीटर तक फैला पेड़ किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रहा था। आखिर वही हुआ जिसका डर था। मोटरसाइकिल पेड़ से टकरा गई, एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सवाल यह है कि इस मौत का जिम्मेदार कौन है? केवल आंधी या फिर वह लापरवाह व्यवस्था, जिसने खतरे को सामने देखकर भी आंखें मूंद लीं?


सार्वजनिक मार्ग पर ऐसा अवरोध एक दिन भी नहीं रहना चाहिए।

यदि पुलिस चाहती तो वन विभाग को तत्काल सूचना देकर पेड़ हटवा सकती थी या कम से कम बैरिकेडिंग और चेतावनी के इंतजाम कर सकती थी। वन विभाग भी अपने दायित्व से मुंह नहीं मोड़ सकता। एक सप्ताह तक सड़क पर पड़ा पेड़ दोनों विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


अब घटना हो चुकी है। संवेदनाएं व्यक्त करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होगी। जरूरत इस बात की है कि इस लापरवाही की जांच हो, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या‌ किया जाएग। क्योंकि सड़क पर पड़ा पेड़ केवल लकड़ी नहीं था, वह प्रशासन की उदासीनता का प्रतीक था, जिसने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।

रिपोर्ट विमल कुमार की।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...